क्या आप जानते हैं कि भारत का एक राज्य ऐसा भी है, जहां के निवासियों को आयकर भरने की जरूरत नहीं? यह चौंकाने वाली और रोचक खबर सिक्किम से जुड़ी है। अपनी बर्फीली चोटियों, लुभावनी घाटियों और अनोखी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध सिक्किम अब “टैक्स-फ्री राज्य” के तौर पर चर्चा में है।
1975 में सिक्किम के भारत में विलय के दौरान हुए एक ऐतिहासिक समझौते के तहत, यहां के स्थायी निवासियों को आयकर अधिनियम, 1961 से पूरी छूट दी गई। संविधान के अनुच्छेद 371एफ के कारण सिक्किम के लोग अपनी आय पर कोई कर नहीं चुकाते। यह नियम केवल सिक्किम के मूल निवासियों पर लागू होता है, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान दोनों को मजबूती मिलती है।
सोचिए, जहां देशभर में लोग टैक्स रिटर्न के लिए कागज़ी कार्यवाही में उलझे रहते हैं, वहीं सिक्किम के लोग इन झंझटों से पूरी तरह मुक्त हैं। यह अनोखा प्रावधान न केवल राज्य की विशेष पहचान को संरक्षित करता है, बल्कि इसे निवेशकों और पर्यटकों के लिए भी खास बनाता है।
सिक्किम का यह टैक्स-फ्री स्वर्ग होना, इसे भारत के अन्य राज्यों से अलग और विशेष बनाता है। यह खबर सचमुच सोचने पर मजबूर करती है कि सिक्किम कितना अद्वितीय है!