सीरिया के दक्षिणी इलाके डेरा में इस्लामी विद्रोहियों ने कब्ज़ा कर लिया है और उनकी सेना अब राजधानी दमिश्क की ओर बढ़ रही है। यह वही स्थान है जहां 2011 में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ आंदोलन की शुरुआत हुई थी। विद्रोहियों ने होम्स शहर के पास भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और सरकारी सेना से पाला बदलने की अपील की है।
दूसरी ओर, कुर्द लड़ाके भी अपने प्रभाव का विस्तार कर रहे हैं और सीरिया के पूर्वी रेगिस्तान के बड़े हिस्से को नियंत्रित कर लिया है। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने सीरिया की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए यात्रा सलाह जारी की है। अमेरिका, रूस, तुर्की, और जॉर्डन समेत कई देश हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा है कि क्षेत्रीय शांति को खतरा बढ़ रहा है।
यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मजबूर कर रहा है कि वह सीरिया के संघर्ष में संभावित समाधान के लिए अपनी भूमिका तय करे।