पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का निधन, देश में शोक की लहर
नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2024: देश को एक बड़ी और दुखद खबर मिली है। पूर्व प्रधानमंत्री और प्रमुख अर्थशास्त्री डॉक्टर मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। 92 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। मंगलवार रात उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
डॉक्टर मनमोहन सिंह, जिनकी नेतृत्व क्षमता और कड़ी मेहनत ने देश को आर्थिक संकट से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज सच्चे अर्थशास्त्रज्ञ और राजनीतिज्ञ के रूप में याद किए जाएंगे। उनका निधन न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए, बल्कि समूचे देश के लिए एक बड़ा आघात है। देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है।
उनकी राजनीतिक यात्रा पर नजर डालें तो डॉक्टर सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से राजनीति और समाज सेवा में अपनी पहचान बनाई थी। वह हमेशा अपनी कार्यशैली में सादा और ईमानदार रहे। एक कुशल अर्थशास्त्री के रूप में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को उस समय मजबूती प्रदान की जब देश संकट से जूझ रहा था। 1991 में जब भारतीय अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट का सामना था, तो उन्होंने आर्थिक सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिन्हें आज भी एक मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक के साथ भारत की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई कदम उठाए।
उनकी अध्यक्षता में, भारत ने विश्व के साथ अपने आर्थिक रिश्ते मजबूत किए, विशेष रूप से अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील में उनका योगदान ऐतिहासिक था। इस डील के लिए उन्हें कड़ी विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने हमेशा देश के हित में फैसले लिए और विपक्ष की प्रतिक्रिया की परवाह किए बिना उसे लागू किया। उनका यह साहस और दूरदर्शिता हमेशा याद रखी जाएगी।
डॉक्टर मनमोहन सिंह का जीवन राजनीति से अधिक एक बड़े इंसान के रूप में देखा गया। उनके साथ काम करने वाले सभी लोग इस बात पर एकमत हैं कि वह एक निष्ठावान, विनम्र और संवेदनशील व्यक्ति थे। उन्होंने हमेशा देश के हित में फैसले लिए और समाज के लिए काम किया। उन्हें सियासत के साथ-साथ अर्थशास्त्र का पंडित भी कहा जाता था।
उनके निधन के बाद देश भर से उनके लिए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। प्रमुख नेता, राजनीतिक दल और नागरिक समाज के लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कांग्रस पार्टी के बड़े नेता, जैसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, जिन्होंने उनकी नीतियों और दृष्टिकोण से बहुत कुछ सीखा, उनके निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
एम्स अस्पताल में, जहां उनका इलाज चल रहा था, वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता लगातार पहुंच रहे थे। भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी भी अस्पताल में मौजूद थे। उन्हे सांस लेने में तकलीफ के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था, और वहां से डॉक्टर मनमोहन सिंह की स्थिति के बारे में जानकारी ली जा रही थी।
गुरुवार को, कांग्रेस पार्टी ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की। कांग्रेस पार्टी ने अपनी ओर से ट्वीट करते हुए डॉक्टर मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त की।
डॉक्टर मनमोहन सिंह का निधन कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा नुकसान है, क्योंकि वह पार्टी के सबसे अनुभवी और सम्मानित नेताओं में से एक थे। उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उनके कार्यकाल में देश ने न केवल आर्थिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए, बल्कि उन्होंने अपनी स्थिर और सशक्त नेतृत्व क्षमता से भारतीय राजनीति में एक नया आदर्श स्थापित किया।
उनकी नीतियां और विचार भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे। चाहे वह सरकारी योजनाओं का संचालन हो या वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करना, डॉक्टर मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल में देश को कई क्षेत्रों में सफलता दिलाई।
उनके निधन के बाद अब यह निश्चित है कि उनका योगदान भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र में सदैव याद रखा जाएगा। वह न केवल एक सक्षम नेता थे, बल्कि उनके व्यक्तित्व में एक गहरी समझ, सादगी और वफादारी थी। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश की सेवा में समर्पित कर दी।
वर्तमान में, कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता जैसे राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, और अन्य नेताओं ने देशवासियों से उनके योगदान को याद करने और श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया है।
डॉक्टर मनमोहन सिंह का निधन न केवल कांग्रेस पार्टी, बल्कि समूचे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान और उनका व्यक्तित्व भारतीय राजनीति में हमेशा अमर रहेगा।
