महराजगंज के प्रमुख मार्ग कॉलेज रोड से मऊपाकड़ तक सड़क विस्तार के लिए सर्वेक्षण शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आदेशानुसार ठेकेदारों की टीम ने इलाके का बारीकी से निरीक्षण आरंभ कर दिया है। सर्वेक्षण में सड़क के दोनों ओर स्थित घरों और दुकानों की पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है ताकि न्यूनतम संपत्तियों को प्रभावित करते हुए सड़क का विस्तार हो सके।
इस सड़क परियोजना को 2023 में सरकार द्वारा स्वीकृति मिली थी, जिसके तहत महराजगंज से निचलौल होते हुए नेपाल सीमा तक सड़क चौड़ीकरण की योजना है। इस कार्य के लिए ज़रूरी भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है और प्रभावित ज़मीन मालिकों को मुआवजा राशि भी प्रदान की गई है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निचलौल की ओर से सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है।
विस्तार योजना के तहत नगर क्षेत्र में सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी है। व्यापारी समुदाय का कहना है कि प्रस्तावित चौड़ाई से उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों को हटाना पड़ेगा, जिससे उनका कारोबार प्रभावित होगा। इसके चलते व्यापारियों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कई बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य मांग है कि नगर क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई 32 मीटर से घटाकर 20 मीटर की जाए ताकि कम से कम व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हों।
शहर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से लंबित थी, लेकिन अब तकनीकी टीम ने मऊपाकड़ के आसपास 20 मीटर चौड़ी सड़क के लिए सर्वेक्षण आरंभ कर दिया है। इससे सीमित संख्या में घर और दुकानें प्रभावित होंगी। वहीं, धनेवा-धनेई इलाके में 32 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना है। हाल ही में सर्वे टीम ने कॉलेज रोड पर स्थित भवनों का दस्तावेजीकरण किया, जिसमें विभिन्न प्रकार की निर्माण संरचनाओं की जानकारी दर्ज की गई।
स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सर्वे पूरा होने के उपरांत भूमि अधिग्रहण और राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाएंगी। नई सड़क के बन जाने से नेपाल सीमा तक यात्रा सरल हो जाएगी और नेपाल की ओर जाने वाले मालवाहक वाहनों को सोनौली के अलावा एक और वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे।